अमरीका वर्ष 2014 के बाद अफ़गानिस्तान में अपनी सैनिक उपस्थिति बनाई रखने के लिए इस देश के प्रतिनिधियों के साथ गुप्त वार्ता कर रहा है। इसके बारे में जानकारी समाचार पत्र "द गार्जियन" में प्रकाशित की गई है।
इससे पहले, वॉशिंगटन और काबुल ने यह तय किया था कि वर्ष 2014 में विदेशी गठबंधन के सभी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान को छोड़कर चले जाएंगे। अमरीकी-अफ़गान गुप्त वार्ता की ख़बर पर कई देशों ने अपनी चिंता ज़ाहिर की है। "द गार्जियन" ने लिखा है कि रूस और भारत अफ़गानिस्तान में अमरीका की सैन्य उपस्थिति लंबी अवधि तक बनी रहने से बड़े चिंतित हैं।
उम्मीद है कि अमरीकी वार्ताकार जून माह में इस सवाल पर फिरसे विचार-विमर्श करने के लिए काबुल पहुँचेंगे। अफ़गान पक्ष ने अमरीका द्वारा तैयार एक प्रारंभिक समझौते के मसौदे को अस्वीकार कर दिया था। अब काबुल इस समझौते के लिए अपना मसौदा तैयार कर रहा है।